नमस्कार साथियो,
आज कुछ दिनों से आप देख रहे होंगे कि सभी राजनीतिक दल और नेताओं हिन्दू हिंदुत्व की बात कर रहे है, ये शुरू हुआ जब वरिष्ट अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अपनी नई किताब अयोध्या में हिन्दू और हिंदुत्व पर विवादित बयान दे दिया उन्होंने हिंदुत्व की तुलना बोको हराम और ISIS से की। जिसके समर्थन में पूरे कांग्रेस आ गयी ,और तो और वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हिन्दू और हिंदुत्व को अलग बता दिया और कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने जय श्री राम कहने वालों को निशाचर बताया।
इस मामले पर बीजेपी प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने इसे हिन्दू धर्म पर प्रहार बताया, और इसे कांग्रेस की हिन्दू विरोधी सोच का परिणाम बताया और तो और बीजेपी के राज्य सभा सांसद डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि 2014 से पहले भारत आंशिक रूप से मुस्लिम राष्ट्र बताया।
जो लोग आज हिन्दू और हिंदुत्व को अलग अलग बता रहे है, उनसे में यह पूछना चाहूंगा कि यदि हिन्दू और हिंदुत्व अलग है तोह इस्लाम और इस्लामिस्ट भी अलग अलग होनी चाहिए ?
( श्रीमती सोनिया गांधी (अध्य्क्ष) भारतीय राष्ट्र कांग्रेस)
आज हिन्दू पर ऐसी टिप्पणी हिन्दू धर्म को मानने वालों को आहत करती है। ये लोग राजनीति के लिए कुछ भी कर सकते है, ये तोह कुछ नही जब इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था, बार बार हिन्दू समुदाय को आहत करने वाले बयानों पर कांग्रेस अध्य्क्ष श्रीमति सोनिया गांधी को कांग्रेस का स्टैंड बताना चाहिए।
हमारी हिन्दू संस्कृति हमे सभी धर्मों का सम्मान करने कहता है। लेकिन जब भी हमारे धर्म पर कोई सवाल करता है तोह हमे
" धर्मो रक्षति रक्षता: " के भावना रखते हुए, कोई हिंसा किये बगैर शांति पूर्ण तरीके से इसका विरोध जतानी चाहिए, लेकिन कल जो नैनीताल में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के घर पर हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
हमे न्यायपालिका पे भरोसा रखनी चाहिए, और माननीय न्यायालय को भी स्वत: संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए।