आज विश्व मानव जाति की इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी, कोरोना महामारी का हम सामना कर रहे है। आज हमारी सबसे बड़ी चुनौती हमारे देश की जनसंख्या है, हमारे पास स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। लेकिन वर्तमान मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद अनेक मेडिकल कॉलेज और एम्स खोले। इसका परिणाम हमे आज दिख रहा हैं।
जब जनवरी में वैक्सीनेशन अभियान की शरुआत हुई थी, तो एम्स के निदेशक समेत भारत के कई बड़े डॉक्टर ने टीका लगाकर स्वास्थ्य और सुरक्षा कर्मी के लिए अभियान को प्रारंभ किया था, लेकिन कई बड़ी विपक्षी पार्टियों ने ये कहकर भ्रम फैलाया कि इस वैक्सीन के लगाने से नपुंशक हो जाते और ये किसी पार्टी विशेष की वैक्सीन हैं।
जिस देश मे अभी भी बड़ी संख्या में लोग निरक्षर हो, वहां टिकाकरण को लेकर भ्रम पैदा करना कितना घातक हो सकता हैं?
ये जानते हुए भी इन लोगो ने भ्रम फैलाया है और आज ये लोग यह भ्रम फैलाने में लगे है कि भारत में वैक्सीन की कमी है। हमे यह समझना होगी कि सवाल उठाने से अच्छा अगर हम साथ मिलकर कार्य करें तो हम इस महामारी से जल्द विजय हों सकते हैं।
अभी हम सभी को मिलकर लोगो को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
कुमार हर्ष
(ये लेखक के अपने विचार है।)
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