योग पर कांग्रेस का प्रहार।
सनातन संस्कृति में अध्यात्म और योग का बहुत महत्व हैं। प्रकृति सजीव व निर्जीव वस्तुओं से बनी हैं। हवा, पानी और ऊर्जा के रूप में प्रकृति से सम्बंधित चीजो ने पृथ्वी पर हमारे अस्तित्व को संभव बनाया हैं।जीवन और प्रकृति के इसी संयोजक को पर्यावरण कहा गया हैं। योग हमारे पूर्वजो द्वारा हमे दिए उत्तम रत्नों में से एक हैं। मानव शरीर प्रकृति की सबसे उन्नत रचना हैं, और प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वो इसे स्वस्थ रखे।
लेकिन अंतराष्ट्रीय योग दिवस के दिन कांग्रेस के नेता योग दिवस में भी सांप्रदायिक रंग घुसाने की कोशिश में लग गए, यह बेहद निंदनीय है कि कोई नेता हमारी संस्कृति को अपमानित करे और उसपर लालक्षण लगाए। जब 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव भारत ने दिया तब लगभग 175 देशो ने इसका पुर जोड़ समर्थन किया। लेकिन जब हमारे देश का कोई नागरिक हमारी संस्कृति अपमान करता है तब दुनिया के सामने पूरा भारत अपमानित होता हैं।
मैं भारतीय नागरिक के तौर पर बड़ा अपमानित महसूस किया जब हमारे ही देश के लोग, हमारी संस्कृति का अपमान करते हैं। राजनीति अपनी जगह होनी चाहिए लेकिन उसे इस तरह भारत के नाम पर दुष्प्रचार फैला कर सही नही हैं। आप राजनीति कीजिए, हमारा देश लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चलता है आपको राजनीति करने की पूरी छूट हमारी संविधान ने दिया, लेकिन ऐसी राजनीति न करे जिससे देश अपमानित हो जाए।
कुमार हर्ष।
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