Sunday, 4 July 2021

विदेशी मीडिया का भारत की एकता पर प्रहार।

नमस्कार,
आज मैंने एक बहुत बड़े अखवार “The New York Times” द्वारा उनके पत्रकारों के रिक्त पदों की भर्ती के लिए मोदी विरोधी, हिन्दू विरोधी पत्रकारों की मांग को उजागर किया हैं। ज़रा सोचिये जब इतना बड़ा अखवार जब यह मांग करता है उन्हें मोदी और हिन्दू विरोधी पत्रकार चाहिए।

यह एक विचारधारा को बढ़ाने की साजिश हो सकती हैं।लेकिन जब कोई विदेशी अखवार भारत में रहकर भारत को लोगो को नोकरी के लालच में भारत के खिलाफ काम करवाने को साजिश करता है, तो यह बेहद खतरनाक हो सकता है। विदेशी अखबार की इस साज़िश पर बड़े-बड़े बुद्धिजीवी और डिज़ाइनर पत्रकार चुप है। ये लोग भारत मे रहकर भारत के खिलाफ काम करने को राष्ट्रभक्ति मानते हैं।

अगर आज इस मामले के खिलाफ देशवासी एक साथ नही आते हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा खतरनाक हो सकता हैं। ये लोग देश मे रहकर देश विरोधी काम करते हैं। इनकी लड़ाई भारत के खिलाफ हैं।

आज कल विदेश में भारत के खिलाफ पत्रकारिता करना बड़ा लोकप्रिय काम माना गया है। चाहे वो कोरोना महामारी में भारत के खिलाफ लड़ाई हो या चीन के खिलाफ भारत की लड़ाई हो। इन सभी मामलों में विदेशी मिडिया भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाते हैं। अगर भारत की जनता एकजुट हो जाये तो किसी की हिम्मत नही होगी कि वो भारत के खिलाफ इस तरह के प्रोपेगैंडा चलाएं।

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