Written By - @KumarHarsh_
हम सभी जानते है कि, भारत एक पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश है, हमारी देश की संसद को भारत की सबसे बड़ी पंचायत मानी जाती है, इन दिनों संसद का मानसून सत्र चल रहा है, इस समय विपक्ष का काम है सरकार से कठिन से कठिन प्रश्न पूछना, और सरकार को उसका जबाब देना होगा, लेकिन आज कल विपक्षी दल के सांसद, संसद का काम न हो पाए इसीलिए वो सदन में हंगामा करते है। बार बार सभापति के तरफ से निवेदन किया जाता है कि सभी सांसद शांति बनाए रखे, और संसदीय परम्पराओ का पालन करे, लेकिन फिर भी वो लोग सदन में हंगामा कर भारत की सबसे बड़ी पंचायत को अपमानित करने का काम किया जाता है, जो कि सही नही है।
इस से सरकार न जनता के सवालों का जबाब दे पाती है, न माननीय सदस्य का जबाब दे पाती है। इससे समय की बर्बादी होती है और बार बार माननीय सभापति को सदन को स्थगित करना पड़ता है, लेकिन जनता ये कतई नही चाहती। जनता अपने प्रतिनिधि को चुन कर संसद भेजते है, लेकिन जब जनता के प्रतिनिधि उनके ( जनता) के समय को बर्बादी करती है, तब समस्त देशवासि ये देख आहत होते है।
विपक्ष जरूर सवाल पूछे, लेकिन हंगामा कर सवाल नही पूछे जाते है, इसीलिए प्रश्न काल या शून्य काल के दौरन सवाल पूछे, इससे सदन भी अच्छी तरीके से चलेगी और जनता के सवालों का सरकार जबाब भी दे पाएगीं।
और, जो जनता अपने प्रतिनिधि चुनकर संसद भेजते है उन्हें उन पर और भरोसा होगा।
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