Monday, 19 July 2021
संसद में विपक्ष का हंगामा।
Saturday, 17 July 2021
जनसंख्या नियंत्रण समय की मांग।
— By Kumar Harsh
आज जनसंख्या नियंत्रण समय की मांग है। क्योकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि, 2025 तक भारत जनसंख्या वृद्धि में चीन को पीछे छोड़ देगा। ये बात भारत के लिए कोई गर्व की बात नही है। जनसंख्या वृद्धि से भारत मे संसाधनों की कमी होगी। अधिक पेड़ काटे जाएंगे। जंगल नष्ट किये जायेंगे। भारत मे बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुचने की संभावना खड़ी हो जाएगी। सरकार कितने भी विकास कार्य करले लेकिन विकास नही होगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बना कर अच्छी पहल की हैं। लेकिन कुछ लोगो को इस बात पर आपत्ति है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून क्यों बनाया गया? कोई इसे धर्म से जोड़ कर देख रहा है लेकिन कुछ लोगो ऐसे भी है जो इस कार्य को अच्छी पहल के रूप में देख रहे है। कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए कानून को सही नही मान रहे हैं।अब उन लोगों को कितना भी समझाया जाए लेकिन, ये लोग नही मानेंगे।

Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath.)
एक और अच्छी पहल इसमें राज्यसभा सांसद डॉ राकेश सिन्हा जी ने भी की हैं, उन्होंने इसे संसद में भी बहस के लिए रखा है। उनकी यह पहल आत्मनिर्भर भारत के लिए एक सकारात्मक पहल है।
भारत में जनसंख्या नियंत्रण के कई फ़ायदे भी है। जनसंख्या कम होने से रोजगार बढ़ेंगे। वनस्पति को कम काटने से प्रर्यावरण दूषित भी कम होगा।
हमारी सरकार को अब इस मामले में चीन से भी सख्त कानून बनाना चाहिए।
Sunday, 4 July 2021
विदेशी मीडिया का भारत की एकता पर प्रहार।
नमस्कार,
आज मैंने एक बहुत बड़े अखवार “The New York Times” द्वारा उनके पत्रकारों के रिक्त पदों की भर्ती के लिए मोदी विरोधी, हिन्दू विरोधी पत्रकारों की मांग को उजागर किया हैं। ज़रा सोचिये जब इतना बड़ा अखवार जब यह मांग करता है उन्हें मोदी और हिन्दू विरोधी पत्रकार चाहिए।
यह एक विचारधारा को बढ़ाने की साजिश हो सकती हैं।लेकिन जब कोई विदेशी अखवार भारत में रहकर भारत को लोगो को नोकरी के लालच में भारत के खिलाफ काम करवाने को साजिश करता है, तो यह बेहद खतरनाक हो सकता है। विदेशी अखबार की इस साज़िश पर बड़े-बड़े बुद्धिजीवी और डिज़ाइनर पत्रकार चुप है। ये लोग भारत मे रहकर भारत के खिलाफ काम करने को राष्ट्रभक्ति मानते हैं।
अगर आज इस मामले के खिलाफ देशवासी एक साथ नही आते हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा खतरनाक हो सकता हैं। ये लोग देश मे रहकर देश विरोधी काम करते हैं। इनकी लड़ाई भारत के खिलाफ हैं।
आज कल विदेश में भारत के खिलाफ पत्रकारिता करना बड़ा लोकप्रिय काम माना गया है। चाहे वो कोरोना महामारी में भारत के खिलाफ लड़ाई हो या चीन के खिलाफ भारत की लड़ाई हो। इन सभी मामलों में विदेशी मिडिया भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाते हैं। अगर भारत की जनता एकजुट हो जाये तो किसी की हिम्मत नही होगी कि वो भारत के खिलाफ इस तरह के प्रोपेगैंडा चलाएं।
विकसित भारत का बजट
( संसद में बजट प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के साथ वित्त मंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण) सौ - राष्ट्...
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