Thursday, 2 September 2021

अफगानिस्तान में तालिबान।

नमस्कार, आज पूरा विश्व दो बड़े चुनोतियाँ का सामना कर रहा है। पहली चुनोती है अफगानिस्तान में तालिबान का राज, और दूसरी चुनोती कोरोना महामारी है।


( काबुल एयरपोर्ट पे तालिबानी लड़ाके सौजन्य- ट्विटर)

आज अफगानिस्तान पर बात करने का समय है। आज हम सभी ये बात जानते है कि अमेरिका के जाने के बाद अफगानिस्तान में तालिबान ( आतंकी संगठन) का राज स्थापित हुआ है। जो कि सम्पूर्ण विश्व के लिए चिंता का विषय हैं। इस मामले पर भारत की अध्य्क्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई, अमेरिका और NATO देशों ने भी इस विषय पर चर्चा की । आज अफगानिस्तान में हम सभी जानते है कि वहाँ मानवाधिकारों का उलंघन हो रहा है। जिसका ज्यादातर देश (चीन और पाकिस्तान) के अलावा विरोध कर रहा है। 
( भारत के विदेेश मंत्री द्वारा UNSC की अध्य्क्षता )

इस मामले ( आज जो अफगानिस्तान में हो रहा हैं। ) ये अमेरिका की सबसे बड़ी नाकामी है। 
इसे आप कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट में समझिए।

1.) जो अमेरिका अपने आप को महाशक्ति समझता है। वो आज तालिबान से डर कर अफगानिस्तान से भाग गया, आज अफगानिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर बरे बरे बुद्धिजीवी और लिब्रल्स चुप है। उसको अमेरिका एक प्रकार से चुप रहकर समर्थन कर रहा है।

2.) अफगानिस्तान के निह्ते नागरिकों को आतंक के हवाले छोर दिया है।
( अफगानिस्तान में अमरीका के सेना के शहीद होने के बाद राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा श्रद्धांजलि)

( अमेरिका भविष्य में क्या कर सकता हैं।)

कई मीडिया रिपोर्ट्स ये दावा करती है कि, अफगानिस्तान में आज जो हो रहा है। उससे अमेरिका की छबि पूरे विश्व मे डूब गई है। तोह इस सबसे उभरने के लिए अमेरिका कुछ बड़ी कारवाही कर सकता है।
( White House Washington DC)
( भारत UNSC मैं ।) 

हम सभी जानते है कि अगस्त के माह में भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्य्क्ष बना हैं।
इसी बीच अफगानिस्तान में 14 अगस्त के बाद हालात खराब हुई। इस पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में डिबेट के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस० जयशंकर ने कहा कि 
आतंकवाद दुनिया और मानवता के लिए खतरा  है। हमारे पड़ोसी देश होने के नाते हम यह चाहते है कि अफगानिस्तान की जमीन किसी और देश पर आतंकवाद के लिए इस्तमाल न हो। 
( UNSC की अध्य्क्षता करते डॉ एस जयशंकर)

( भारत के लिए तालिबान से खतरा)

भारत के लिए तालिबान खतरा ये है कि, कश्मीर जो कि भारत की ताज है। उसपर पाकिस्तान के गलत मंसूबे में तालिबान पाकिस्तान का साथ दे सकते हैं , ये सबसे बड़ा खतरा भारत के लिए हैं।
 
( भारत तालिबान के बीच पहली आधिकारिक बातचीत)

31 अगस्त को यह खबर आई कि भारत- तालिबान के बीच पहली आधिकारिक बातचीत हुई। 
इस बात का मतलब क्या?
इस बात का यह मतलब है कि भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई ।
जिसमे विदेश मंत्रालय ने कहा कि
      ( विदेश मंत्रालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति)
Today, Ambassador Of India to Doha , deepak mittal meet Sher Mohammad Abbas , the head's of Taliban's poltical office in doha, The Meeting took place at the Embassy of India, Doha on the request of taliban side.

इसका मतलब है कि भारतीय दूतावास दोहा में राजदूत दीपक मित्तल , से तालिबान के राजनीतिक प्रमुख ने चर्चा की जिसमे भारतीयों की वापसी और भारत के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का इस्तमाल न हो, ऐसी मांग रखी है।

अब हमें ये देखना है कि आगे क्या होता है।
धन्यवाद।

Saturday, 14 August 2021

आजादी की अमृत महोत्सव ।

नमस्कार , आज हम सभी भारत की आजादी के 75 वर्ष होने पर आजादी की अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस अवसर पर देश और विदेश में रह रहे , सभी भारतीयों को बहुत बहुत शुभकामनाएं।
हम सौभाग्यशाली है कि महात्मा गांधी, सुभाष चन्द्र बोस, भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे महान लोग हमारे स्वाधीनता आंदोलन के मार्गदर्शक रहे हैं।


आजादी से लेकर आज तक हमने कई चुनोतियों का सामना किया, यह स्वतंत्रता कठिन है, उन सभी लोग जो भारत के लिए बलिदान दिया ये उसी का परिणाम हैं।
( सौजन्य - ANI) लाल चौक जम्मू कश्मीर
आज हमें यह सीखना चाहिए की स्वतंत्रता हमारे लिए एक उपहार हैं। ये हमारे पूर्वजो द्वारा किये गए बलिदान, रातो की नींद , कई यातनाए  और संघर्षो का उपहार हैं। कई सारे समस्या के अलावा , हमारे देश के पास ऐसी चीजे है जो देश को गोरवांकित करने का कार्य करता हैं।हम एक परमाणु शक्ति देश हैं, हमारे पास ताकतवर सेना हैं। और हमारे पास रफाल लड़ाकू विमान है। हम आज राजीनीतिक रूप से शक्तिशाली हैं।


 इसका उदाहरण हमने कुछ दिनो पहले तब देखा जब भारत के यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने (जब आजाद भारत मे पहली बार कोई प्रधानमंत्री) संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आम बैठक की
अध्य्क्षता की।
( सौजन्य- अरिंदम बक्शी प्रवक्ता विदेश मंत्रालय भारत)

 हमे आज जो समस्या है उससे भागने वाली नही बल्कि उसका मुकाबला कर विजय पाने वाले भारत हैं। आज हम दुनिया भर के सभी महत्पूर्ण अंतरास्ट्रीय मामलो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन 75 सालो में  हमने कई विवादों को खत्म किया। जैसे 500 साल के कानूनी संघर्ष के बाद आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य जोड़ो से चल रहा हैं। जम्मू और कश्मीर में लोकतंत्र को जकड़ने वाली अनुछेद 370 से भी हमे आजादी मिली।
( सौजन्य- श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या)

हमारे देश मे आज दुनिया की हर खूबसूरत चीजे मौजूद है। चाहे वक कश्मीर हो। और विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ' Statue of Unity'  हो। आज यह नया भारत दुश्मनों को भी प्रचंड जबाब देता हैं।जैसे बालाकोट एयर स्ट्राइक हो या उरी की सर्जिकल स्ट्राइक । ये भारत दुश्मनों के घर मे घुसकर मारने का दम रखता है।
भारत की सरकार ने कई ऐसी योजनाएं बनाई है जो सम्पूर्ण विश्व के लिए प्रेरणास्रोत हैं। चाहे वो किसान सम्मान निधि योजना हो या, आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना। ऐसे और कई उदाहरण। इसमें एक महत्पूर्ण कड़ी हमारी नई शिक्षा नीति हैं जो अपने आप मे काबिले तारीफ हैं।
आज भारत महामारी में भी बुलंद ऊँचाई को प्राप्त कर रहा हैं।आज भारत दुनिया मे रिकॉर्ड स्तर पर वैक्सीनशन कर रहा हैं। 
(सौजन्य- ANI ( गुलमर्ग जम्मू कश्मीर)

में पुनः समस्त भारतीयों को आजादी की अमृत महोत्सव की शुभकामनाएं देता हूँ।
धन्यवाद।
कुमार हर्ष।🙏

Friday, 6 August 2021

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार तक का सफर



Written By- Kumar Harsh
Editing By- Abhimanyu Kumar 
आज देश के यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ट्वीट कर समस्त देशवासियो को यह जानकारी दी है कि खेल जगत का भारत मे सर्वोच्च पुरस्कार खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर , मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया हैं। इस विषय पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों को बधाई दी हैं।
( फ़ोटो सौजन्य- श्री नरेन्द्र मोदी (ट्विटर) )
कल यानी 5 अगस्त को वर्ष 2019 में जम्मू कश्मीर को अनुछेद 370 से छुटकारा दिलाया था, और आज ही के दिन वर्ष 2020 में इसी तारीख को श्री राम जन्मभूमि के भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास की गई । और कल 5 अगस्त 2021 को हॉकी में भारत ने शानदार जीत प्राप्त की , इस मौके पर खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलना और भी गौरव का विषय हैं।
सौजन्य- गॉगल ( the print)

लेकिन इस गोरवाकित क्षण में भी काँग्रेस पार्टी ने देश की खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की बजाय, किसी और देश की तुलना भारत के खिलाड़ियों से कर रहे है। इस कार्य की जितनी निंदा की जाए उतनी कम हैं।

और जहाँ तक कि बात पुरस्कार का नाम बदलने की बात है, ये भारत के लिए अच्छा विषय हैं। क्योंकि मेजर ध्यानचंद ने भारत की हॉकी में विजयगाथा लिखने का कार्य किया हैं।

Monday, 19 July 2021

संसद में विपक्ष का हंगामा।

Written By - @KumarHarsh_
हम सभी जानते है कि, भारत एक पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश है, हमारी देश की संसद को भारत की सबसे बड़ी पंचायत मानी जाती है, इन दिनों संसद का मानसून सत्र चल रहा है, इस समय विपक्ष का काम है सरकार से कठिन से कठिन प्रश्न पूछना, और सरकार को उसका जबाब देना होगा, लेकिन आज कल विपक्षी दल के सांसद, संसद का काम न हो पाए इसीलिए वो सदन में हंगामा करते है। बार बार सभापति के तरफ से निवेदन किया जाता है कि सभी सांसद शांति बनाए रखे, और संसदीय परम्पराओ का पालन करे, लेकिन फिर भी वो लोग सदन में हंगामा कर भारत की सबसे बड़ी पंचायत को अपमानित करने का काम किया जाता है, जो कि सही नही है।
इस से सरकार न जनता के सवालों का जबाब दे पाती है, न माननीय सदस्य का जबाब दे पाती है। इससे समय की बर्बादी होती है और बार बार माननीय सभापति को सदन को स्थगित करना पड़ता है, लेकिन जनता ये कतई नही चाहती। जनता अपने प्रतिनिधि को चुन कर संसद भेजते है, लेकिन जब जनता के प्रतिनिधि उनके ( जनता) के समय को बर्बादी करती है, तब समस्त देशवासि ये देख आहत होते है।

विपक्ष जरूर सवाल पूछे, लेकिन हंगामा कर सवाल नही पूछे जाते है, इसीलिए प्रश्न काल या शून्य काल के दौरन सवाल पूछे, इससे सदन भी अच्छी तरीके से चलेगी और जनता के सवालों का सरकार जबाब भी दे पाएगीं।
और, जो जनता अपने प्रतिनिधि चुनकर संसद भेजते है उन्हें उन पर और भरोसा होगा।

Saturday, 17 July 2021

जनसंख्या नियंत्रण समय की मांग।

— By Kumar Harsh

आज जनसंख्या नियंत्रण समय की मांग है। क्योकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि, 2025 तक भारत जनसंख्या वृद्धि में चीन को पीछे छोड़ देगा। ये बात भारत के लिए कोई गर्व की बात नही है। जनसंख्या वृद्धि से भारत मे संसाधनों की कमी होगी। अधिक पेड़ काटे जाएंगे। जंगल नष्ट किये जायेंगे। भारत मे बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुचने की संभावना खड़ी हो जाएगी। सरकार कितने भी विकास कार्य करले लेकिन विकास नही होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बना कर अच्छी पहल की हैं। लेकिन कुछ लोगो को इस बात पर आपत्ति है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून क्यों बनाया गया? कोई इसे धर्म से जोड़ कर देख रहा है लेकिन कुछ लोगो ऐसे भी है जो इस कार्य को अच्छी पहल के रूप में देख रहे है। कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए कानून को सही नही मान रहे हैं।अब उन लोगों को कितना भी समझाया जाए लेकिन, ये लोग नही मानेंगे।

(Image Source- The Indian Express,
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath.)

एक और अच्छी पहल इसमें राज्यसभा सांसद डॉ राकेश सिन्हा जी ने भी की हैं, उन्होंने इसे संसद में भी बहस के लिए रखा है। उनकी यह पहल आत्मनिर्भर भारत के लिए एक सकारात्मक पहल है।

भारत में जनसंख्या नियंत्रण के कई फ़ायदे भी है। जनसंख्या कम होने से रोजगार बढ़ेंगे। वनस्पति को कम काटने से प्रर्यावरण दूषित भी कम होगा।

हमारी सरकार को अब इस मामले में चीन से भी सख्त कानून बनाना चाहिए।

Sunday, 4 July 2021

विदेशी मीडिया का भारत की एकता पर प्रहार।

नमस्कार,
आज मैंने एक बहुत बड़े अखवार “The New York Times” द्वारा उनके पत्रकारों के रिक्त पदों की भर्ती के लिए मोदी विरोधी, हिन्दू विरोधी पत्रकारों की मांग को उजागर किया हैं। ज़रा सोचिये जब इतना बड़ा अखवार जब यह मांग करता है उन्हें मोदी और हिन्दू विरोधी पत्रकार चाहिए।

यह एक विचारधारा को बढ़ाने की साजिश हो सकती हैं।लेकिन जब कोई विदेशी अखवार भारत में रहकर भारत को लोगो को नोकरी के लालच में भारत के खिलाफ काम करवाने को साजिश करता है, तो यह बेहद खतरनाक हो सकता है। विदेशी अखबार की इस साज़िश पर बड़े-बड़े बुद्धिजीवी और डिज़ाइनर पत्रकार चुप है। ये लोग भारत मे रहकर भारत के खिलाफ काम करने को राष्ट्रभक्ति मानते हैं।

अगर आज इस मामले के खिलाफ देशवासी एक साथ नही आते हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा खतरनाक हो सकता हैं। ये लोग देश मे रहकर देश विरोधी काम करते हैं। इनकी लड़ाई भारत के खिलाफ हैं।

आज कल विदेश में भारत के खिलाफ पत्रकारिता करना बड़ा लोकप्रिय काम माना गया है। चाहे वो कोरोना महामारी में भारत के खिलाफ लड़ाई हो या चीन के खिलाफ भारत की लड़ाई हो। इन सभी मामलों में विदेशी मिडिया भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाते हैं। अगर भारत की जनता एकजुट हो जाये तो किसी की हिम्मत नही होगी कि वो भारत के खिलाफ इस तरह के प्रोपेगैंडा चलाएं।

Tuesday, 29 June 2021

शिव जी के प्रिय मंत्र महामृत्युंजय की उत्पत्ति



!! किसने की #महामृत्युंजय_मंत्र की रचना और जाने इसकी शक्ति !!

शिवजी के अनन्य भक्त #मृकण्ड_ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे। विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था।

मृकण्ड ने सोचा कि महादेव संसार के सारे विधान बदल सकते हैं। इसलिए क्यों न भोलेनाथ को प्रसन्नकर यह विधान बदलवाया जाए।

मृकण्ड ने घोर तप किया। भोलेनाथ मृकण्ड के तप का कारण जानते थे इसलिए उन्होंने शीघ्र दर्शन न दिया लेकिन भक्त की भक्ति के आगे भोले झुक ही जाते हैं।

महादेव प्रसन्न हुए. उन्होंने ऋषि को कहा कि मैं विधान को बदलकर तुम्हें पुत्र का वरदान दे रहा हूं लेकिन इस वरदान के साथ हर्ष के साथ विषाद भी होगा।

भोलेनाथ के वरदान से मृकण्ड को पुत्र हुआ जिसका नाम #मार्कण्डेय पड़ा। ज्योतिषियों ने मृकण्ड को बताया कि यह विलक्ष्ण बालक अल्पायु है। इसकी उम्र केवल 12 वर्ष है।

ऋषि का हर्ष विषाद में बदल गया। मृकण्ड ने अपनी पत्नी को आश्वत किया- जिस ईश्वर की कृपा से संतान हुई है वही भोले इसकी रक्षा करेंगे। भाग्य को बदल देना उनके लिए सरल कार्य है।

मार्कण्डेय बड़े होने लगे तो पिता ने उन्हें शिवमंत्र की दीक्षा दी। मार्कण्डेय की माता बालक के उम्र बढ़ने से चिंतित रहती थी। उन्होंने मार्कण्डेय को अल्पायु होने की बात बता दी।

मार्कण्डेय ने निश्चय किया कि माता-पिता के सुख के लिए उसी सदाशिव भगवान से दीर्घायु होने का वरदान लेंगे जिन्होंने जीवन दिया है। बारह वर्ष पूरे होने को आए थे।

मार्कण्डेय ने शिवजी की आराधना के लिए महामृत्युंजय मंत्र की रचना की और शिव मंदिर में बैठकर इसका अखंड जाप करने लगे।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

समय पूरा होने पर यमदूत उन्हें लेने आए। यमदूतों ने देखा कि बालक महाकाल की आराधना कर रहा है तो उन्होंने थोड़ी देर प्रतीक्षा की। मार्केण्डेय ने अखंड जप का संकल्प लिया था।

यमदूतों का मार्केण्डेय को छूने का साहस न हुआ और लौट गए। उन्होंने यमराज को बताया कि वे बालक तक पहुंचने का साहस नहीं कर पाए।

इस पर यमराज ने कहा कि मृकण्ड के पुत्र को मैं स्वयं लेकर आऊंगा। यमराज मार्कण्डेय के पास पहुंच गए।

बालक मार्कण्डेय ने यमराज को देखा तो जोर-जोर से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग से लिपट गया।

यमराज ने बालक को शिवलिंग से खींचकर ले जाने की चेष्टा की तभी जोरदार हुंकार से मंदिर कांपने लगा। एक प्रचण्ड प्रकाश से यमराज की आंखें चुंधिया गईं।

शिवलिंग से स्वयं महाकाल प्रकट हो गए। उन्होंने हाथों में त्रिशूल लेकर यमराज को सावधान किया और पूछा तुमने मेरी साधना में लीन भक्त को खींचने का साहस कैसे किया..?

यमराज महाकाल के प्रचंड रूप से कांपने लगे। उन्होंने कहा- प्रभु मैं आप का सेवक हूं। आपने ही जीवों से प्राण हरने का निष्ठुर कार्य मुझे सौंपा है।

भगवान चंद्रशेखर का क्रोध कुछ शांत हुआ तो बोले- मैं अपने भक्त की स्तुति से प्रसन्न हूं और मैंने इसे दीर्घायु होने का वरदान दिया है। तुम इसे नहीं ले जा सकते।

यम ने कहा- प्रभु आपकी आज्ञा सर्वोपरि है। मैं आपके भक्त मार्कण्डेय द्वारा रचित महामृत्युंजय का पाठ करने वाले को त्रास नहीं दूंगा।

महाकाल की कृपा से मार्केण्डेय दीर्घायु हो गए। उसके द्वारा रचित महामृत्युंजय मंत्र काल को भी परास्त करता है।

                   🕉️🔱!! हर हर महादेव !!🔱🕉️


आगे बढ़ता रहे बिहार

बिहार दिवस – 22 मार्च : हमारी पहचान, हमारा गौरव, हमारा भविष्यआज 22 मार्च 2026। पूरे बिहार में उत्सव का माहौल है। ठीक 114 वर्ष पह...